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1. भारतीय संस्कृति की मूल आधारभूत संस्कृत भाषा के शिक्षण प्रशिक्षण एवं प्रचार प्रसार की समुचित व्यवस्था करना । 2. भारतीय वैदिक साहित्य के संरक्षणार्थ चारों बेदों उपनिषद, साहित्य, ब्राम्हण एवं आरण्यक ग्रन्थों की समुचित शिक्षण व्यवस्था । 3. सनातन धर्म के प्रचार प्रसार हेतु धर्म एवं इतिहास से सम्बद्ध मौलिक ग्रन्थ बाल्मीकीय रामायण, महाभारत, अष्टादश पुराण, गीता आदि ग्रन्थों के अधिकारी विद्वान तैयार करना । 4. प्रचलित प्रमुख हिन्दू संस्कारों के महत्व एवं उनसे होने वाले लाभ से परिचित कराते हुए छात्रों को कर्मकाण्ड की समुचित शिक्षा देना । 5. भारतीय खगोल विद्या एवं ज्योतिष शास्त्र में शोधात्मक कार्य करना । 6. आध्यात्मिक कल्याण हेतु भारतीय दर्शन न्याय, वेदान्त, मीमांसा, सांख्य, योग आदि दर्शनों का समुचित अध्ययन कराना । 7. नैतिक एवं शारीरिक विकास के लिए छात्रों को व्यायाम एवं योग शिक्षा प्रदान करना । 8. छात्रों को स्वावलम्बी बनाने की दिशा में उन्हें ऐसी शिक्षा प्रदान करना जिससे वे समाज का हित करते हुए जीवन यापन कर सके । 9. संस्कृत शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के लिए छात्रावास, भोजन, वस्त्र, आदि की निःशुल्क व्यवस्था करना । 10. उपर्युक्त कार्यो के सम्पादन हेतु संस्कृतानुरागी जनों से सहयोग प्राप्त करना । |
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